बिजली कटौती क्यों हो रही है?Bharat mein bijali Sankat aur Koyla Sankat kya hai!

 


भारत में कोयला संकट क्या है, भारत में बिजली कटौती क्यों हो रही है, भारत में कितनी बिजली कटौती होगी, कितने घंटों और दिनों तक बिजली कटौती हो सकती है! आज कितने घंटों तक बिजली नहीं आएगी? बिजली कटौती कब से कब तक रहेगी।


अभी पिछले कुछ पांच 10 दिनों से चर्चा चल रही है कि, कोयला संकट यानी कि कोयले की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति ना होने के कारण देश में विद्युत आपूर्ति में बाधा आ सकती है,ऐसा तब है, जब हमारे देश में कोयले की पर्याप्त मात्रा मौजूद है, लेकिन उसके पश्चात भी संसाधनों में न जाने कौन सी ऐसी कमी है, जिसके कारण हम आवश्यक कोल खदानों से निकाल नहीं पा रहे हैं,ऐसी स्थितियां हमें बार-बार सोचने को मजबूर करती हैं कि, क्या जो हम नीतियां बना रहे हैं, वह क्या वाकई सही दिशा में चल रही है, या हम बिना कोई लक्ष्य की भटकते फिर रहे हैं! भारत आज भी उन नीतियों में सुधार नहीं कर पाया है, जो बुनियादी रूप से हमारे देश के उद्योग वर्ग के लिए, कृषि वर्ग के लिए और आम नागरिक के लिए आवश्यक है!


बिजली आज एक ऐसा संसाधन हो चुका है कि, बहुत कुछ आज इस पर निर्भर करने लगा है,जहां हम बात कर रहे हैं, इलेक्ट्रिक गाड़ियों की इलेक्ट्रिक विहीकल्स की- लेकिन ऐसी समस्याएं हमें बहुत बार सोचने को मजबूर करती हैं कि, क्या हम जो करने जा रहे हैं! वह सही होगा,सोच कर देखिए अगर ऐसा विद्युत संकट देश में आ गया,जब देश में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होगी! तब क्या होगा सारी इलेक्ट्रिकल गाड़ियां ठप हो जाएंगी! सारे उद्योग धंधे की गति धीमी या ये बंद हो जाएंगे खेती और कृषि नष्ट हो जाएगी और आम नागरिक त्रस्त हो जाएगा पूरी तरीके से।


 ऐसे में विद्युत के लिए आवश्यक कोयला की व्यवस्था और स्टॉक हमेशा मेंटेन करके रखना चाहिए, इसकी सख्त नीति बने तभी ऐसे संकटों से ऐसी आपदाओं से बचा जा सकता है!



क्या देश में पर्याप्त कोयला भंडार मौजूद है?


आज देश में बिजली उत्पादन करने के लिए जितनी भी कोल की आवश्यकता है, उतना कोयला देश में पर्याप्त मात्रा में मौजूद है,अगर सारे कोयले को सही तरीके से निकाला जाए तो हम कोयले का एक्सपोर्ट भी कर सकते हैं, लेकिन न जाने कौन सी ऐसी परेशानी,बाधा कहें या संकट कि हम अब तक भारत के कोयला खनिज भंडार को सही प्रकार से उपयोग करने लायक नहीं बना पाए हैं, यह तो ऐसा है-जैसे कि अगर आपके पास खाना है, लेकिन आप खा नहीं सकते, हम देश में बात करते हैं, एडवांस टेक्नोलॉजी की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परंतु हम बुनियादी कार्यों को करने में भी सक्षम नहीं दिखाई देते हैं!


बिजली संकट का परिणाम क्या होगा?


एक अनुमान के मुताबिक देश में अभी जितने भी महंगाई चल रही है, वह अपने उच्चतम स्तर पर है एवं अगर बिजली आपूर्ति सही प्रकार से नहीं हो पाई तो, इस महंगाई में और अधिक इजाफा होगा चीजें और अधिक महंगी होने लगेगी, क्योंकि प्रोडक्शन अगर कम होगा तो डिमांड में पूर्ति न होने से चीजें आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएंगी,आज आप देख रहे होंगे कि, हर एक वस्तु के भाव में कितनी अधिक बढ़त हो चुकी है, आप देख रहे हैं।


लोगों की जीवनशैली विद्युत पर निर्भर करती है।

आज भारत में ऐसी स्थिति नहीं है कि, लोग गर्मी और प्राकृतिक वातावरण में रह सकें, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन की जीवन शैली पूरी तरीके से विद्युत निर्भर हो चुकी है, आज हर एक व्यक्ति के घर में विद्युत जाने पर इनवर्टर की व्यवस्था उपलब्ध है, ऐसे में अगर विद्युत संकट आता है,आपूर्ति सही प्रकार से नहीं हो पाती है, तो हर एक इंसान इससे परेशान होगा उसे समस्या का सामना करना पड़ेगा!


जितना जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर है, उतना ही जरूरी विद्युत sector- भी है?

सरकार को इसमें विशेष गंभीरता दिखानी होगी और ऐसे व्यवस्थाएं स्थापित करनी होगी, जिससे कि देश में विद्युत आपूर्ति सही प्रकार से हो सके, आज पहले ही विद्युत कंपनियों की लूट के कारण देश का आम आदमी त्रस्त है, उसके बावजूद भी उसे सही प्रकार से बिजली उपलब्ध नहीं हो पाती, तरह तरीके के अनेकों विद्युत शुल्क आम आदमी से वसूल किए जाते हैं, परंतु उसके उपरांत  फिर भी राहत नहीं मिल पाती,यह हमेशा सरकार सुनिश्चित कर कर चले कि, जितना जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर है, उससे अधिक विद्युत को भी आप एक अत्यंत आवश्यक विषय मानकर चलें, जिस पर हमेशा गंभीरता से दृष्टि बनाकर रखें, ताकि देश में विद्युत आपूर्ति के कारण जनता उद्योगों और कृषि क्षेत्र को नुकसान ना हो!



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